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17 मार्च 2009
सोने के बजाय चांदी में तेजी की चमक ज्यादा रही
सोने की आसमान छूती कीमतों के चलते वायदा बाजार के कारोबारियों का रुझान चांदी की ओर बढ़ा है। चांदी निवेश का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। जिसके चलते इस साल की शुरूआत से लेकर अब तक चांदी के दाम सोने से ज्यादा बढ़े हैं। इस अवधि में घरेलू वायदा बाजार में चांदी के दाम 22 फीसदी तक बढ़े हैं। जबकि सोने के दामों में केवल 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यही हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रहा है। इस साल एक जनवरी को एमसीएक्स अप्रैल वायदा में चांदी के दाम 18,805 रुपये प्रति किलो थे जो इस समय बढ़कर 22,327 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए। इसी अवधि में सोने के अप्रैल वायदा में दाम 13,700 रुपये प्रति दस ग्राम से बढ़कर 15,374 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंचे। इसी तरह कॉमेक्स में चांदी के अप्रैल वायदा में दाम दो जनवरी को 10.85 डॉलर प्रति औंस थे जो अप्रैल वायदा में इस समय 15 फीसदी बढ़कर 13.05 डॉलर प्रति औंस हो गए जबकि इसी अवधि में वायदा बाजार में सोने के दामों में केवल 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दो जनवरी को सोने के अप्रैल वायदा में दाम 877 डॉलर प्रति औंस थे जो इस समय बढ़कर 917 डॉलर प्रति औंस थे। इसी अवधि में घरेलू हाजिर बाजार में चांदी के दाम 18,505 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 22,000 रुपये हो गये है। इस दौैरान घरेलू हाजिर बाजार में सोने के 13,350 रुपये प्रति दस ग्राम से बढ़कर 15,125 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गये है। इसी अवधि में अंतराराष्ट्रीय हाजिर बाजार में चांदी के दाम 11.33 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 12.89 डॉलर प्रति औंस हो गये है। जबकि सोने के दाम 870 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 910 डॉलर प्रति औंस हो गये है। विश्लेषकों का मानना है कि सोने की आसमान छूती कीमतों के चलते विश्व बाजार में चांदी में निवेश बढ़ा है। एंजेल कमोडिटी के रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने बिजनेस भास्कर को बताया कि 2008 में सोने में काफी तेज़ी आई थी। उस दौरान चांदी के दामों में ज्यादा हलचल देखने को नहीं मिली थी। सोने की ऊंची कीमतों के चलते उसमें निवेश कम हुआ। दूसरी ओर चांदी में निचली कीमतों के चलते निवेश में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा इस साल की शुरूआत से लगातार डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है। जिसके चलते घरेलू बाजार में चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार से ज्यादा बढ़े है। साथ ही इस साल जनवरी और फरवरी में चांदी का कोई आयात नहीं हुआ। इसी के चलते चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। (Business Bhaskar)
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