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07 मार्च 2009
ऑस्ट्रेलिया के डेयरी उत्पादों के लिए भारत ने फिर खोला बाजार
कैनबरा : ऐसे वक्त जब ऑस्ट्रेलियाई कमोडिटी निर्यात वैश्विक मंदी की वजह से गिरावट का शिकार हो रहा है, भारत ने अपने बाजार को उसके ब्रांडेड डेयरी उत्पादों के लिए खोलकर उसे थोड़ी राहत दे दी है। सरकार के इस कदम से 'बेगा' और 'किंग आइलैंड' जैसे बड़े ब्रांडेड चीज उत्पादों को भारतीय बाजार में आने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया ने प्रजनन में आसानी के लिए गायों को एस्ट्रोजन हामोर्न के इंजेक्शन लगाने की अपनी राष्ट्रीय नीति बदल दी है। भारत ने 2003 में ज्यादा सिंथेटिक हामोर्न होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया से आने वाले डेयरी उत्पादों पर रोक लगा दी थी। अब यह प्रतिबंध हटा लिया गया है। दिलचस्प है कि भारत ने अपने बाजार को ऑस्ट्रेलिया के डेयरी उत्पादों के लिए ऐसे वक्त खोला है जब यूरोपीय संघ अपने यहां दुग्ध उत्पादों पर सब्सिडी बढ़ा रहा है। यूरोपीय संघ ने हाल में सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया है, हालांकि इस फैसले को संरक्षणवाद के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया के लिए घरेलू डेयरी बाजार खोलने का फैसला यूरोपीय संघ को यह संकेत देने के लिए किया है कि वह उन साझेदारों के साथ कारोबार करने को उत्सुक है जो अपने कृषि उत्पादों पर बेवजह सब्सिडी नहीं देते हैं। सरकार के इस कदम से घरेलू डेयरी उद्योग को भी कारोबार करने के लिए एक जैसा मैदान मिलेगा। घरेलू डेयरी उद्योग काफी समय से पश्चिमी देशों में चल रहे भारी सब्सिडी के खेल की मुखालफत कर रहा था। इस संदर्भ में काफी कम सब्सिडी देने वाले ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के कृषि उत्पादों के कारोबार की अच्छी संभावना दिख रही है। ऑस्ट्रेलियाई बंदरगाह आगमन प्रतिबंध एवं निरीक्षण सेवा के महाप्रबंधक (एक्यूआईएस) मार्क शिप ने कहा, 'हमें भारत सरकार की ओर से सूचना मिली है कि अब निर्यातकों को यह घोषणा पत्र देने की जरूरत नहीं है कि जो दूध उन्होंने इस्तेमाल किया, वह उस जानवर से नहीं लिया गया है जिसे एस्ट्रोजन का इंजेक्शन दिया गया हो।' दरअसल इसकी जरूरत इसलिए नहीं रह गई है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने एस्ट्रोजन के इस्तेमाल की नीति को खत्म कर दिया है और इस संबंध में भारत सरकार को सूचना दे दी है।इससे भारत का बाजार ऑस्ट्रेलियाई दुग्ध उत्पादों के लिए फिर खुल गया है। ऑस्ट्रेलिया के कृषि, मत्स्य एवं वन मंत्री टोनी बर्क ने कैनबरा में संवाददताओं से कहा, 'यह उद्योग जगत के लिए बेहद अहम मौका होगा क्योंकि इस वक्त डेयरी उत्पाद उद्योग को कठिन वक्त से गुजरना पड़ रहा है। हम बहुत उत्साहित हैं।'ऑस्ट्रेलिया के किसान प्रजनन में आसानी के लिए सिंथेटिक एस्ट्रोजन का इस्तेमाल करते हैं। इससे किसानों को जानवरों के गर्भधारण के समय को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। (ET Hindi)
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