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09 मार्च 2009
ओपेक की बैठक से पहले तक तेल में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव
मुंबई: पिछले हफ्ते कच्चे तेल के दाम में अच्छी तेजी दिखी। चीन अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चे तेल की खरीदारी कर सकता है, वहीं अमेरिकी तेल भंडार में भी कमी आई है। इसी वजह से पिछले हफ्ते तेल के दाम ऊपर चढ़े। तेल उत्पादक देशों के संगठन की 15 मार्च को बैठक होने वाली है। इसमें उत्पादन कम करने पर विचार होगा। ओपेक की प्रस्तावित बैठक की वजह से अगले कुछ दिनों में तेल के दाम में उतार-चढ़ाव रह सकता है। पिछले हफ्ते अमेरिकी कमोडिटी एक्सचेंज नायमेक्स पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट करीब 15 फीसदी चढ़कर 45.76 डॉलर प्रति बैरल तक गया था। हालांकि, कॉन्ट्रैक्ट 45.52 डॉलर प्रति बैरल पर पिछले हफ्ते बंद हुआ। पिछले हफ्ते में तेल ने 39.49 डॉलर प्रति बैरल का निचला स्तर छुआ था। वहीं, एमसीएक्स पर पिछले हफ्ते तेल के मार्च कॉन्ट्रैक्ट में 13 फीसदी की तेजी देखी गई। यहां इसने 2,344 रुपए प्रति बैरल तक का ऊपरी स्तर बनाया था। पिछले हफ्ते कारोबार के दौरान एमसीएक्स पर इसने 2,071 रुपए प्रति बैरल का निचला स्तर भी छुआ। आनंद राठी कमोडिटीज के अली मुहम्मद लकड़ावाला के मुताबिक, इस हफ्ते में तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट और ओपेक की बैठक के बाद एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की मासिक रिपोर्ट आएगी। अली मुहम्मद ने बताया, 'भविष्य में कम मांग रहने की आशंका है और 15 मार्च को होने वाली ओपेक की बैठक में उत्पादन में कटौती करने का फैसला हो सकता है।' उन्होंने कहा कि इस समय 39 डॉलर से 44 डॉलर प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा कच्चा तेल की कीमत इस सप्ताह आने वाली रिपोर्ट और औपेक बैठक में हुए फैसले पर निर्भर करेगी। वहीं, निर्मल बांग कमोडिटीज के कुणाल शाह का कहना है कि आने वाले दिनों में तेल 48 डॉलर से 50 डॉलर के बीच कारोबार करेगा। उन्होंने कहा, 'अगले महीने और सबसे अंतिम महीने वाले कॉन्ट्रैक्ट के भाव का अंतर घट रहा है, इससे हाजिर बाजार में बेहद मजबूती देखने को मिल सकती है।' पिछले सप्ताह के शुरू में ईरान के तेल मंत्री ने ओपेक के उत्पादन में कटौती नहीं करने का इशारा किया था। तेल की खपत के लिहाज से अमेरिका के बाद चीन दूसरे नंबर पर है। चीन तेल के सस्ते कीमत का फायदा उठाकर इसका रणनीतिक भंडार बनाना चाहता है। वहां के आर्थिक आंकड़े भी अमेरिका के मुकाबले काफी बेहतर हैं। इससे भी पिछले हफ्ते तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। (ET Hindi)
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