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27 फ़रवरी 2009
आवक बढ़ने के बाद भी निर्यातकों की मांग से हल्दी में तेजी का रुख
हल्दी की आवक उत्पादक मंडियों इरोड़ और निजामाबाद में बढ़कर 20 हजार बोरी (एक बोरी 70 किलो) की हो गई है। आवक बढ़ने के बावजूद निर्यातकों और स्टॉकिस्टों की मांग अच्छी होने से पिछले दो-तीन दिनों में 125 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी देखी गई। चालू फसल सीजन में देश में हल्दी का उत्पादन तो पिछले वर्ष के लगभग बराबर ही होने की संभावना है लेकिन बकाया स्टॉक पिछले वर्ष से काफी कम है। इसलिए हल्दी के भावों में तेजी का रुख कायम रह सकता है। वायदा बाजार में भी पिछले दो दिनों में करीब छह फीसदी की तेजी आ चुकी है।निजामाबाद मंडी के हल्दी व्यापारी पूनम चंद गुप्ता ने बिजनेस भास्कर को बताया कि चालू सीजन में हल्दी की पैदावार 42 लाख बोरी होने की संभावना है जबकि पिछले वर्ष इसकी पैदावार 43 लाख बोरी की हुई थी। हालांकि पैदावार में तो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा कमी नहीं आने का अनुमान नहीं है लेकिन उत्पादक मंडियों में हल्दी का बकाया स्टॉक मात्र पांच से छह लाख बोरी का ही बचा है। पिछले वर्ष नई फसल की आवक के समय बकाया स्टॉक करीब 13 से 14 लाख बोरी का बचा था। अत: उत्पादन और बकाया स्टॉक मिलाकर चालू सीजन में कुल उपलब्धता 47 से 48 लाख बोरी की होगी। घरेलू और निर्यात को मिलाकर सालाना हल्दी की कुल खपत करीब 46 से 47 लाख बोरी की होती है। ऐसे में अगले वर्ष नई फसल के समय बकाया स्टॉक लगभग न के बराबर बचेगा। इसलिए चालू सीजन में हल्दी के भाव तेज ही बने रहने की संभावना है।इरोड़ मंडी के हल्दी व्यापारी सुभाष चंद ने बताया कि भावों में तेजी को देखते हुए किसानों की बिकवाली भी हल्की है। पिछले तीन दिनों में यहां इसके भावों में करीब 150 रुपये की तेजी आकर भाव 4400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मंडी में नई फसल की आवक बढ़कर करीब 13,000 बोरी की हो गई। निर्यातकों के साथ-साथ स्टॉकिस्टों की अच्छी मांग से तेजी को बल मिल रहा है। उधर निजामाबाद मंडी में भी आवक बढ़कर 7,000 बोरी की हो गई तथा यहां इसके भाव में 125 रुपये की तेजी आकर भाव 4150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। अन्य उत्पादक मंडियों सांगली, वारंगल, डुग्गीराला, नानंदेड, सेलम और बुहरानपुर आदि में नई फसल की आवक होली के बाद ही बनेगी। ऐसे में आवक का दबाव बढ़ने पर हल्की गिरावट तो आ सकती है लेकिन पूरे सीजन भाव तेज ही बने रहने की संभावना है। नेशनल कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) में स्टॉकिस्टों की सक्रियता से हल्दी में पिछले दो दिनों में छह फीसदी की तेजी आकर मई महीने के वायदा भाव बढ़कर 4535 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उत्पादक मंडियों में आवक कम होने से स्टॉकिस्टों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इसलिए वायदा बाजार में इसके भावों में और भी तेजी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।भारतीय मसाला बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी तक भारत से हल्दी के निर्यात में 15 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 47,000 टन का हो चुका है। पिछले वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 40,715 टन का हुआ था। (BS Hindi)
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