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17 फ़रवरी 2009
भरपूर अनाज लेकिन सब्सिडी का बोझ बेतहाशा बढ़ गया
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को 2009-10 का अंतरिम बजट पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2009-10 के लिए खाद्य सब्सिडी को बढ़ाकर 42489.72 करोड़ रुपये कर दिया। पिछले वर्ष 2008-09 के बजट में खाद्य सब्सिडी 32666.59 करोड़ रुपये थी लेकिन इसका संशोधित अनुमान बढ़कर 43627.20 करोड़ रुपये हो गया। इस लिहाज से देखे तो अगले वित्त वर्ष में सब्सिडी थोड़ी घटने का अनुमान है।चालू वर्ष में मौसम फसलों के अनुकूल रहा है इसलिए देश में खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि कृषि मंत्रालय द्वारा गत सप्ताह जारी दूसरे आरंभिक अनुमान में खाद्यान्न उत्पादन में पिछले वर्ष की मुकाबले करीब तीस लाख टन तक की कमी आने का बात कही गई थी। रबी सीजन में गेहूं और चावल के उत्पादन में पिछले साल से कमी आने की संभावना है। हालांकि सरकारी गोदामों में गेहूं और चावल का भरपूर भंडार मौजूद है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक पहली अप्रैल को सरकारी गोदाम में गेहूं का स्टॉक 103.14 लाख टन का होगा जोकि तय बफर 40 लाख टन के मुकाबले करीब दोगुने से भी ज्यादा है। इसी तरह से चावल का बकाया स्टॉक भी पहली अक्टूबर को सरकार के पास 59.10 लाख टन था जबकि 52 लाख टन के बफर स्टॉक होना चाहिए।ऑल इंडिया रोलर फ्लोर मिलर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया की सचिव वीणा शर्मा के मुताबिक चालू फसल सीजन में औसत से कम वर्षा होने और फरवरी महीने में तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म रहने से गेहूं की पैदावार में कमी आने की आशंका है। पिछले वर्ष देश में गेहूं का उत्पादन 785 लाख टन रहा था जबकि चालू वर्ष में उत्पादन घटकर 760 से 770 लाख टन रह सकता है। उत्पादन में कमी के बावजूद सरकारी गोदामों में गेहूं का बकाया स्टॉक अच्छा होने की वजह से तेजी के आसार नहीं है।इसी तरह से चावल का बकाया स्टॉक तो अच्छा है ही साथ ही गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक और बासमती चावल के निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 1100 डॉलर प्रति टन की दर से लागू होने से निर्यात में भारी कमी आने के कारण कीमतों में तेजी के आसार नहीं है। मोटे अनाजों का उत्पादन चालू रबी सीजन में पिछले साल के 189 लाख टन से घटकर 170 लाख टन रहने की संभावना है। घरेलू बाजारों में मक्का के दाम ऊंचे होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव कम होने के कारण निर्यात में इस साल भारी गिरावट आई है। (Business Bhaskar)
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