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29 जनवरी 2009
निर्यातकों की मांग से आई इलायची की तेजी को ब्रेक
निर्यातकों के साथ घरेलू मांग बढ़ने से पिछले दस दिनों में इलायची के भावों में 40 से 50 रुपये प्रति किलो की तेजी बन गई थी लेकिन ऊंचे भावों में ग्राहकी ढीली पड़ गई। जिससे इलायची के भाव मंगलवार को थोड़े गिर गए। उत्पादक क्षेत्रों में इलायची की पांचवी तुड़ाई चल रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी दिनों में बोल्ड किस्म सात एमएम और आठ एमएम के माल की आवक घट जाएगी। हालांकि इस साल देश में इलायची की पैदावार पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा है।केरल की कुमली मंडी के इलायची व्यापारी अरुण अग्रवाल ने बिजनेस भास्कर को बताया कि पांचवी तुड़ाई के बाद बोल्ड किस्म सात एमएम और आठ एमएम के मालों की आवक घट जाती है। लेकिन उत्पादक राज्यों में मौसम फसल के अनुकूल होने से दो-तीन तुड़ाई और हो सकती है। लेकिन अगली तुड़ाई में हल्के माल की ही आवक ज्यादा रहेगी। चालू फसल सीजन में इलायची के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों का मौसम फसल के अनुकूल रहा है। इसलिए चालू वर्ष में देश में इलायची का उत्पादन बढ़कर 12,000 टन होने के आसार हैं जबकि पिछले वर्ष देश में इलायची का उत्पादन 9,470 टन का ही हुआ था। अग्रवाल ने बताया कि निर्यातकों के साथ-साथ घरेलू मांग बढ़ने से पिछले दस दिनों में इलायची के भाव 40 से 50 रुपये प्रति किलो बढ़कर 490 से 500 रुपये, 7 एमएम के भाव 530 से 540 रुपये और 8 एमएम के भाव 620 से 640 रुपये प्रति किलो हो गए थे। लेकिन ऊंचे भावों में मांग घटने से मंगलवार को दस रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई।दिल्ली के इलायची व्यापारी सुमित अग्रवाल ने बताया कि उत्पादक क्षेत्रों में भावों में आई तेजी से दिल्ली बाजार में इसके भावों में 50 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई। दिल्ली बाजार में 6.5 एमएम क्वालिटी के भाव बढ़कर 510 से 520 रुपये, 7 एमएम के भाव 590 से 600 रुपये और 8 एमएम के भाव 635 से 655 रुपये प्रति किलो हो गए।मुंबई के इलायची निर्यातक मूलचंद रुबारल ने बताया कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय इलायची 6.5 एमएम के भाव 10.50 डॉलर, 7 एमएम के 11.50 डॉलर और 8 एमएम के भाव 13.50 डॉलर प्रति किलो चल रहे हैं। भारतीय इलायची की क्वालिटी ग्वाटेमाला के मुकाबले अच्छी होने के कारण खाड़ी देशों से अच्छी मांग बनी हुई है। ग्वाटेमाला में इस साल इलायची का उत्पादन पिछले साल के 22,000 टन के मुकाबले घटकर 18 से 19 हजार टन होने की उम्मीद है। भारतीय मसाला बोर्ड के सूत्रों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से दिसंबर तक इलायची का निर्यात बढ़कर 375 टन का हो चुका है। पिछले वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 260 टन का ही हुआ था। (Business Bhaskar....R S Rana)
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