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17 जनवरी 2009
बढ़ सकती है मेंथा की निर्यात डिमांड
फरवरी महीने में मेंथा (क्रिस्टल बोल्ड) की यूरोप और चीन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। निर्यातकों का मानना है कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां अब लगभग समाप्त हो गई हैं इसलिए आगामी दिनों में इन देशों में मांग में इजाफा हो सकता है। निर्यात मांग कमजोर होने से चालू माह में घरेलू बाजारों में मेंथा तेल के भाव में करीब 20 से 22 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ चुकी है। भावों में आई गिरावट से उत्पादक मंडियों में मेंथा तेल की आवक तो घटी है लेकिन स्टॉकिस्टों के साथ-साथ किसानों के पास अभी बकाया स्टॉक भरपूर बताया जा रहा है। जब तक निर्यात मांग नहीं बढ़ती तब तक इसके मौजूदा भावों में और भी 15 से 20 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जैसे ही निर्यात मांग बढ़ेगी भावों में तेजी आनी शुरू हो जाएगी।उत्पादन और मांगसंभल के मेंथा व्यापारी अनुराग रस्तोगी ने बताया कि चालू वर्ष में बुवाई को देखते हुए मेंथा तेल का उत्पादन 40,000 टन होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन जून और जुलाई महीने में उत्पादक क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा से उत्पादन घटकर 24,000 से 25,000 टन का ही रहा है। नई फसल के समय उत्पादक मंडियों में करीब 8,000 टन मेंथा तेल का बकाया स्टॉक मिलाकर कुल उपलब्धता 32,000 से 33,000 टन की बैठी है। दुनिया में मेंथा तेल की कुल खपत 27,000 से 28,000 टन की है। उनका मानना है कि कुल उपलब्धता और निर्यात मांग में आई कमी को देखते हुए आगामी दिनों में इसके भावों में भारी तेजी की उम्मीद तो नहीं है। लेकिन मेंथा तेल में निर्यात मांग बढ़ने और स्टॉकिस्टों की बिकवाली घटने से तेजी बन सकती है।निर्यात घटाभारतीय मसाला बोर्ड के सूत्रों के अनुसार चालू साल के अप्रैल से नवंबर तक मेंथा (क्रिस्टल बोल्ड) का निर्यात 13,000 टन का ही हुआ है। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 14,950 टन का हुआ था। विश्व स्तर पर छाई आर्थिक मंद गति का असर मेंथा क्रिस्टल बोल्ड के निर्यात पर भी पड़ा है। एसेंशियल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष जुगल किशोर ने बताया कि निर्यातक इस समय क्रिस्टल बोल्ड के सौदे 15.50 से 16 डॉलर प्रति किलो (सीएंडएफ) के भाव पर कर रहे हैं। अब चूंकि यूरोप में क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां खत्म हो गई हैं इसलिए आगामी दिनों में यूरोप और चीन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। जैसे ही निर्यातकों की मांग बढ़ेगी मेंथा क्रिस्टल बोल्ड के भावों में एक से दो डॉलर प्रति किलो की मजबूती आ सकती है।स्टॉकिस्टों की सक्रियतामेंथा तेल में स्टॉकिस्ट की सक्रियता हमेशा बनी रही है। नई फसल की आवक के समय जुलाई महीने में स्टॉकिस्टों की सक्रियता की वजह से घरेलू बाजारों में मेंथा तेल के भाव बढ़कर 850 रुपए प्रति किलो हो गए थे। ऊंचे भाव में निर्यातकों के साथ ही घरेलू मांग कमजोर होने से तेजी रुक नहीं पाई। इसके बाद स्टॉकिस्टों की बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि नवंबर महीने में उत्पादक मंडियों में इसके भाव घटकर 495 रुपए प्रति किलो रह गए थे। इस समय घरेलू मंडियों में मेंथा तेल के भाव 582 से 585 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं।तेल की आवकमेंथा के व्यापारी विष्णु कपूर ने बताया कि प्रमुख उत्पादक मंडियों चंदौसी, संभल और बाराबंकी में पिछले सप्ताह तक मेंथा तेल की दैनिक आवक 200 से 250 ड्रमों (एक ड्रम 180 किलो) तक थी। भाव में गिरावट के बाद से ये आवक घटकर 100 से 150 ड्रमों की रह गई है। उन्होंने बताया कि इस समय उत्पादक मंडियों में मेंथा तेल का बकाया स्टॉक करीब 13,000 से 14,000 टन का बचा हुआ है जबकि नई फसल की आवक जून महीने में बनेगी। इसलिए बकाया स्टॉक अच्छा होने से आगामी दिनों में इसकी तेजी-मंदी काफी हद तक निर्यात मांग पर निर्भर करेगी। (Business Bhaskar.....R S Rana)
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