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22 जनवरी 2009
वैलेंटाइन डे पर चमकेगा फूलों का कारोबार
बंगलुरु: डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार कमजोरी से फूल निर्यातकों को कुछ राहत मिल सकती है। वैलेंटाइन डे से पहले दुनिया भर से फूलों की मांग बढ़ गई है, ऐसे में उन्हें कारोबार के चमकने की उम्मीद है। कर्नाटक खासतौर पर बंगलुरु और उसके आसपास के क्षेत्रों की देश के कुल गुलाब उत्पादन में 55-60 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें से अधिकतर फूलों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाता है। हाल में यूरोपीय बाजार में भारतीय फूलों की कीमत 20-25 फीसदी कम हुई है। इसके बावजूद निर्यातकों की कमाई पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। दरअसल, रुपए की कमजोरी ने इसकी भरपाई कर दी है। अभी एक डॉलर का भाव करीब 45 रुपए है। क्रिसमस से वैलेंटाइन डे के बीच भारत फूलों के कुल निर्यात का आधा हिस्सा विदेश भेजता है। भारत से सालाना करीब छह करोड़ फूलों के स्टेम का निर्यात किया जाता है। ईटी से बात करने वाले अधिकतर फूल कारोबारियों का कहना है कि कारोबार बेहतर चल रहा है और 14 फरवरी की मांग को देखते हुए फूलों का निर्यात 3-3.2 करोड़ स्टेम तक पहुंच सकता है। इस बार वैलेंटाइन डे शनिवार को पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि निर्यात की शुरुआत हो चुकी है और 26 जनवरी के बाद निर्यात में और तेजी आएगी। एक स्थानीय निर्यातक पुष्पम फ्लोरा बेस के मंजुनाथ रेड्डी का कहना है, 'विकसित अर्थव्यवस्थाओं जैसे अमेरिकी और यूरोपीय देशों में मंदी के कारण फूलों की मांग पर असर पड़ा है। हालांकि हमारा निर्यात अभी सामान्य है।' होसूर की तैनफ्लोरा इंटरनेशनल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, 'यूरोप में अपनी महिला सहकर्मी को फूल देना सज्जनता का प्रतीक माना जाता है। इस साल वैलेंटाइन डे शनिवार को पड़ रहा है। ऐसे में फूलों की मांग पर थोड़ा असर पड़ सकता है।' अधिकारी का कहना है कि कंपनी पहले ही 50 लाख स्टेम के निर्यात के ऑर्डर ले चुकी है। उन्होंने कहा, 'इस बार हमारी घरेलू बाजार में भी पकड़ मजबूत करने की तैयारी है और हमने भारत में करीब पांच लाख स्टेम बेचने की योजना बनाई है।' भारत में वैलेंटाइन डे एक संवदेनशील मुद्दा है और कई संगठन इसे नैतिकता के खिलाफ बताते हुए ऐसे 'विदेशी पर्वों को मनाने की खिलाफत करते हैं। निर्यातकों का कहना है कि हालांकि यूरोप और कई अमेरिकी बाजारों को निर्यात किया जा रहा है, लेकिन दक्षिण पूर्व एशिया के बाजारों पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया है। (ET Hindi)
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