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11 जनवरी 2009
वैश्विक गिरावट के बाद घरेलू बेस मेटल्स भी गिरे
पिछले दिनों की बढ़त के बाद घरलू बेस मेटल्स वायदा में फिर से गिरावट देखी गई। वैश्विक बाजारों में आई गिरावट की वजह से घरलू कारोबार भी प्रभावित हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कॉपर अप्रैल वायदा करीब 1.26 फीसदी की गिरावट के साथ 165.05 रुपये प्रति किलो पर रह गया। जिसमें करीब 450 लॉट्स में कारोबार हुआ। फरवरी वायदा 1.39 फीसदी की गिरावट के साथ 162.65 रुपये किलो पर आ गया। इसमें करीब 4281 लॉट्स में करोबार हुआ। वैश्विक बाजारों में गिरावट के चलते घरलू कारोबार भी मंदी का रुख बना है। माना यह जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट हो सकती है। कार्वी काम्ट्रेड के विश्लेषक जी. हरीश के मुताबिक वैश्विक बाजारों की तर्ज पर घरलू बाजारों में भी मुनाफा वसूली होने से कीमतों में गिरावट आई है।इस दौरान लंदन मेटल एक्सचेंज में कॉपर का भाव 50 डॉलर गिरकर 3340 डॉलर प्रति टन रहा। यहां पर कॉपर की इन्वेंट्री में इजाफा होने की वजह से मुनाफावसूली हुई है। इंवेंट्री करीब 7,825 टन बढ़कर 3,51,325 टन तक पहुंच गई। जिंक की कीमतों में भी गिरावट रही। एमसीएक्स जनवरी वायदा करीब आधे फीसदी की गिरावट के साथ 61.40 रुपये प्रति किलो रहा। जिसमें करीब 565 लॉट्स में कारोबार हुआ। निकिल जनवरी वायदा करीब 1.78 फीसदी की गिरावट के साथ 584.90 रुपये प्रति किलो रहा। एलएमई में यह करीब 450 डॉलर गिरकर 12,800 डॉलर प्रति टन रहा। एमसीएक्स में लेड फरवरी वायदा करीब एक फीसदी की गिरावट के साथ 56.80 रुपये किलो पर रह गया। जिसमें 17 लॉट्स में कारोबार हुआ। वहीं एमसीएक्स अल्यूमीनियम जनवरी वायदा करीब डेढ़ फीसदी की गिरावट के साथ 75.85 रुपये प्रति किलो पर रह गया। इसमें 64 लॉट्स में कारोबार हुआ।गौरतलब है कि वैव्श्रिक स्तर पर जारी मंदी की वजह से खपत वाले क्षेत्रों से धातुओं की मांग में लगातार गिरावट आ रही है। जिससे इनका स्टॉक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जिसका असर इनकी कीमतों में पर गिरावट के रुप में देखा जा रहा है। पिछले पांच महीनों में कॉपर समेत कई धातुओं की कीमतों में तगड़ी गिरावट हो चुकी है। ऐसे में जानकारों का मानना बेस मेटल्स की कीमतों में गिरावट का यह दौर चालू साल के मई महीने तक देखा जा सकता है। (Business Bhaskar)
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