Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
26 दिसंबर 2008
स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से चने में गिरावट
मध्य प्रदेश और राजस्थान के स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से दिल्ली बाजार में चने के भावों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आकर राजस्थानी चने के भाव 2175 रुपये और मध्य प्रदेश के चने के भाव 2125 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। दाल मिलों से चने की मांग कमजोर होने और आवक ज्यादा होने से आगे भी चने में गिरावट का रुख जारी रह सकता है। दिल्ली के चना व्यापारी राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश व राजस्थान से चने की दैनिक आवक 38 से 40 मोटरों की हो रही है। चना दाल में मांग सीमित होने के कारण मिलों की मांग कमजोर है। मध्य प्रदेश की अशोक नगर मंडी के चना व्यापारी राजेश पालीवाल ने बताया कि स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से चने के भाव में 40 रुपये की गिरावट आकर 1950 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। उन्होंने बताया कि राज्य की मंडियों में चने का स्टॉक अच्छा-खासा बचा हुआ है जबकि नई फसल आने में अब मात्र डेढ़ माह का ही समय शेष है। इसलिए बिकवाली जारी रहने से मौजूदा भावों में और भी गिरावट के आसार हैं। अकोला मंडी के चना व्यापारी विजेंद्र गोयल ने बताया कि ग्राहकी कमजोर होने से चने के भावों में 50 रुपये का मंदा आकर भाव 2150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। उन्होंने बताया कर्नाटक की मंडियों में नए चने की छिटपुट आवक शुरू हो गई है तथा अगले दस-पंद्रह दिनों में आवकों का दबाव बन जाएगा।गुलबर्गा मंडी में नए चने की 200 से 250 बोरियों की आवक शुरू हो गई है तथा नए चने के भाव 2150 रुपये प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। विजयवाड़ा में नए चने की आवक 300 बोरियों की हो रही है तथा यहां भी भाव 2150 रुपये प्रति `िंटल बोले जा रहे हैं। महाराष्ट्र की मंडियों में भी अगले महीने नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। आस्ट्रेलिया से आयातित चने के भाव दिसंबर-जनवरी शिपमेंट के 2175 रुपये प्रति `िंटल मुंबई पहुंच बोले जा रहे हैं। घरलू फसल आने के बाद आयातित चने के भावों में और भी गिरावट आ सकती है।कृषि मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी बुवाई आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में चने की बुवाई 75.10 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले वर्ष के मुकाबले 6.24 लाख हैक्टेयर ज्यादा है। पिछले वर्ष की समान अवधि में देश में चने की बुवाई 68.86 हुई थी। चने के बुवाई क्षेत्रफल में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए चने का उत्पादन गत वर्ष के 59 लाख टन से ज्यादा होगा। (Business Bhaskar...R S Rana)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें