Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
15 दिसंबर 2008
चीनी आयात नियमों में ढील देने के पक्ष में नहीं सरकार
केंद्र सरकार चीनी मिलों को आयात नियमों में ढील देने के पक्ष में नहीं है। सरकारी सूत्रों का मानना है कि इस मसले पर मिलों में एक मत नहीं होने से सरकार ने इस पर कोई भी फैसला करने से इनकार कर दिया है। मौजूदा नियमों के मुताबिक चीनी मिलें वैव्श्रिक बाजारों से चीनी का आयात कर सकती हैं। लेकिन इससे पहले उन्हें एक तय समय सीमा के अंदर उसी मात्रा में निर्यात भी करने का करार करना होगा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि कुछ चीनी मिलों ने इस नियम में छूट दिए जाने की मांग की थी। लेकिन इस मांग पर अब सरकार किसी भी तरह का पुर्नविचार करने के पक्ष में नहीं है। देश की कोऑपरटिव चीनी मिलों ने आयात नियमों में छूट की मांग की थी। जबकि निजी चीनी मिलों का संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) शुरू से ही इसका विरोध करता रहा है। इस्मा के मुताबिक सरकार को चीनी के आयात को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से गन्ना किसानों और उद्योग दोनों का नुकसान हो सकता है। इस्मा के मुताबिक चीनी का उत्पादन व बकाया स्टॉक मिलाकर देखें तो घरेलू खपत के बाद भी नए सीजन में चीनी का करीब 70 लाख टन बकाया स्टॉक बचेगा। अत: पर्याप्त स्टॉक को देखते हुए सरकार को घरलू चीनी मिलों और गन्ना किसानों के हितों के बार में सोचना चाहिए। कोऑपरटिव चीनी मिलों का मत अलग है। महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरटिव शुगर फैक्ट्रीस के प्रबंध निदेशक प्रकाश नायकनावार के मुताबिक घरलू स्तर पर गन्ने की कमी और चीन मिलों को हो रही, दुसरे तरह की परशानियों की वजह से सरकार को चीनी आयात में ढील देनी चाहिए। उनका मानना है कि आयातित चीनी को घरलू बाजार में बेचने की छूट दी जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी फर्म ज़ेनारिको शुगर के मुताबिक इस चालू सीजन के दौरान भारत में करीब 220 लाख टन चीनी का उत्पादन होने की संभावना है। केंद्र सरकार के ताजा अनुमान के मुताबिक देश में चीनी का उत्पादन 205 लाख टन से कम किसी हालत में नहीं रहेगा। बल्कि यह बढ़कर 220 लाख टन भी जा सकता है। पिछले साल के बकाया स्टॉक के साथ देश में चीनी की कुल उपलब्धता 315 लाख टन होने अनुमान है। (Business Bhaskar)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें