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19 अक्टूबर 2008
धनतेरस पर खरीदें सोना और चांदी
ग्लोबल स्तर पर शेयर बाजार में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट के असर से भारतीय शेयर बाजार भी दिन-प्रतिदिन रसातल की तरफ जा रहा है। निवेशकों की रातों की नींद और दिन का चैन गायब हो चुका है। अमेरिका, यूरोप और एशियाई सरकारों द्वारा घरेलू बैंकों को संकट से उबारने के लिए भारी-भरकम पैकेज तो दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके निवेशकों की घबराहट में की जाने वाली बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में सोने और चांदी में निवेश एक बेहतर विकल्प हो सकता है। एनडीए कमोडिटी लिमिटेड के कमोडिटी हैड जेनेशवर भारद्वाज ने बताया कि त्यौहारी सीजन चल रहा है। नकदी की समस्या व शेयर बाजार में भारी घाटा उठा चुके निवेशक नई खरीद से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्तरों पर अगर सोने और चांदी में लंबी अवधि के लिए निवेश किए जाए तो निवेशकों को हर हाल में फायदा ही मिलेगा। हालांकि उनका ये भी मानना है कि बाजार में पैसे की तंगी के चलते अभी ग्राहक देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहा है। दिल्ली सराफा बाजार में चालू महीने के दौरान सोने के भाव में करीब 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आ चुकी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर इस दौरान सोने के भावों में 1600 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट आ चुकी है। इससे गिरते हुए बाजार में निवेशक निवेश करने से बच रहा है। उनका मानना है कि एमसीएक्स पर सोने के दिसंबर का वायदा भाव नीचे में 11,500 रुपये प्रति 10 ग्राम आ जाए तो निवेशकों को निवेश करना चाहिए। चांदी के निवेशकों को भी अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए। उनका मानना है कि आगामी सप्ताह में चांदी के भाव दिसंबर वायदा पर नीचे में 16,000 रुपये प्रति किलो बन सकते हैं और 16,000 के स्तर पर खरीद फायदेमंद साबित हो सकती है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को सोने के दिसंबर वायदा भाव 12,790 रुपये पर खुले और ऊंचे में 12,835 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गए। उसके बाद निवेश्कों की बिकवाली का दबाव बनने से भाव नीचे में 12,421 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गए। इसी तरह से चांदी दिसंबर वायदा भाव भी 17,433 रुपये पर खुले और ऊपर में 17,700 रुपये तक गए लेकिन इन भावों में मुनाफावसूली के चलते भाव घटकर नीचे में 16,926 रुपये प्रति किलो रह गए। रेलिगेयर के कमोडटी विशेषज्ञ अजितेश मलिक ने कहा कि लैड, कॉपर, अल्यूमिनियम और जिंक के भावों में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की मंदी का असर साफ देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में इनके भावों में करीब 40 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। अभी चूंकि विश्व स्तर पर हालात सुधरने के आसार कम दिख रहे हैं इन हालातों में निवेशकों को इनमें निवेश से परहेज करना चाहिए। हॉ इंट्राडे टड्रिंग वाले निवेशक इनमें काम कर सकते हैं लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को अभी इंतजार करना चाहिए। मैसर्स सुमगंलम ज्वैलर्स के एसी अग्रवाल ने बताया कि दशहरा बीत चुका है, दीपावली और धनतेरस सिर पर हैं लेकिन बाजारों में ग्राहकों का अकाल है। अग्रवाल का कहना है कि ग्राहक खरीद के बजाए उल्टा बिकवाली कर रहे हैं। दुकान पर सुबह से शाम तक अगर चार-छ: ग्राहक आ भी रहे हैं तो उनमें से दो ग्राहक खरीदने के बजाए बिकवाली कर रहे हैं। उनका मानना है कि दुनिया में छाई मंदी ने आम उपभोक्ता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि इस समय अगर निवेशक सोने और चांदी में निवेश करता है तो उसे एक बेहतर रिटर्न मिलना निश्चित है। हमारे यहां सोना सदियों से एक बेहतर निवेश के रूप में जाना जाता है। लोग सोने को लंबे समय तक रखते हैं। केके ज्वैलर्स की प्रोपराइटर गीता शर्मा का कहना है कि दीपावली और धनतेरस पर अन्य वर्षे के मुकाबले ग्राहकी कमजोर रह सकती है। आमतौर पर त्यौहारी सीजन की मांग नवरात्रों में निकलनी शुरू हो जाती है लेकिन इस बार शेयर बाजार में आई भयंकर मंदी से सोने के भावों में इतनी भारी उठा-पटक हुई की ग्राहक खरीद करने से डर रहा है। उनकी राय में दिपावली और धनतेरस पर सोने और चांदी के गहनों में अच्छी ग्राहकी निकल सकती है। (Business Bhaskar...........R S Rana)
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