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08 सितंबर 2008
मांग के अभाव में मेंथा तेल बेहाल
निर्यातकों की मांग कमजोर पड़ने की वजह से मेंथा तेल की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। पिछले एक महीने के दौरान मेंथा के भाव करीब 150 रुपये किलो से ज्यादा टूट चुके हैं। उम्मीद है इस महीने के दौरान मेंथा तेल के भाव में करीब 15-20 रुपये किलो तक और गिरावट देखने को मिल सकती है। मेंथा तेल के भाव शनिवार को एमसीएक्स के डिलीवरी सेंटर चंदौसी में 620 रुपये किलो रहा। जबकि पिछले महीने की एक तारीख को यहां मेंथा तेल 704 रुपये किलो बिका था। चालू सीजन के दौरान चंदौसी में 14 जुलाई को मेंथा तेल 783 रुपये किलो के उच्चतम भाव पर बिका था। तब से अब तक इसके भाव में करीब 163 रुपये किलो तक की गिरावट हो चुकी है। इस क्रम में शनिवार को संभल में मेंथा तेल 622 रुपये, बाराबंकी में 610 रुपये और रामपुर में 615 रुपये किलो के भाव बिका। कारोबारियों के मुताबिक निर्यातकों और आढ़तियों की मांग कमजोर पड़ने से कीमतें लगातार गिरती जा रही हैं। चंदौसी के मेंथा ऑयल कारोबारी राजीव कुमार अग्रवाल ने बिजनेस भास्कर को बताया कि पिछले महीने के दूसर पखवड़े से मौसम सुधरने की वजह से मंडी में आवक बढ़ी है। लेकिन आढ़तिए और निर्यातक बाजार से पूरी तरह से दूरी बनाए हुए हैं। महज मझौले स्तर के कारोबारी ही जरुरत के मुताबिक सौदे कर रहे हैं। दरअसल जुलाई और मध्य अगस्त के दौरान उत्पादक इलाकों में तेज बारिश होने की वजह से मेंथा की खड़ी फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही थी। मौसम को लेकर हो रहे सट्टात्मक कारोबार की वजह से हाजिर में इसके भाव तेजी से बढ़े थे। आगे तेजी की संभावना से आढ़तिए और निर्यातकों ने ऊंचे भावों पर काफी सौदे कर चुके हैं। लेकिन पिछले महीने के अंतिम पखवाड़े से मौसम सुधरने की वजह से मंडियों में आवक बढ़ी है। जिसका असर कीमतों में गिरावट के रुप में देखी जा रही है। चंदौसी के मेंथा तेल के कारोबारी दिनेश के मुताबिक पहले से ही ऊंचे दर पर सौदे कर लेने से मौजूदा समय में आढ़तियों के पास स्टॉक बोझ की समस्या हो गई है। लिहाजा आगे और गिरावट की संभावना से बड़े खरीददार सौदे नहीं कर रहे हैं। कारोबारियों का मानना मौसम सुधार चुका है और उत्पादन कीर तस्वीर भी अब स्पष्ट होने लगी है। माना यह जा रहा है कि इस साल पिछले साल के मुकाबले करीब 10 फीसदी ज्यादा मेंथा का निर्यात हो सकता है। जबकि इस साल उत्पाद का स्तर पिछले साल के 25 हजार टन के मुकाबले करीब 34 हजार टन रहने का अनुमान है। पिछले साल करीब 14 हजार टन मेंथा तेल का निर्यात हुआ था। जबकि अगस्त सितंबर के दौरान मेंथा ऑयल का औसत हाजिर भाव करीब 400-420 रुपये किलो था। (Business Bhaskar)
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