भारत सहित दुनिया भर में काली मिर्च के स्टॉक में भारी कमी आने की वजह से आने वाले दिनों में इसकी घरलू कीमतों में तेजी देखी जा सकती है। पिछले एक महीने के दौरान इसके भाव में काफी गिरावट आ चुकी है। पेपर ट्रेड के मुताबिक दुनिया भर में काली मिर्च के स्टॉक में भारी कमी आई है। इस साल काली मिर्च का वैव्श्रिक उत्पादन करीब 2.71 लाख टन रहा है जो पिछले साल के मुकाबले 6.6 फीसदी कम है। जबकि इंटरनेशनल पिपर कम्युनटी की रिपोर्ट के मुताबिक चालू साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय खपत में करीब 3.46 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस दौरान वियतनाम के पास महज 10-12 हजार टन का स्टॉक बचा है। भारत में साल 2007-08 के दौरान भारत में 50 हजार टन काली मिर्च का उत्पादन हुआ है जो पिछले साल के बराबर है। आने वाले दिनों में घरलू स्टॉक कम पड़ने की वजह से यहां भाव बढ़ सकते हैं। मुंबई में काली मिर्च के कारोबारी योगेश मेहता के मुताबिक घरलू मांग बढ़ने और उपलब्धता कम रहने से सर्दियों में काली मिर्च की कीमतों में तगड़ी तेजी देखी जा सकती है। इंटरनेशनल पेपर कम्युनिटी के मुताबिक भारत से इस साल 25 हजार टन काली मिर्च निर्यात होने की संभावना है। जबकि यहां की घरलू खपत करीब 60 हजार टन रहने का अनुमान है।अखिल भारतीय काली मिर्च करोबार संघ के अध्यक्ष किशोर शाम ने बताया कि चालू साल के दौरान आयात मांग में कमी आई है। लेकिन आने वाले दिनों में वैव्श्रिक बाजारों में निर्यात मांग बढ़ सकती है। भारतीय मसाला बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल से जून के दौरान 7550 टन काली मिर्च का निर्यात हो चुका है। पिछले साल इस अवधि के दौरान करीब 8600 टन काली मिर्च का निर्यात हुआ था। पिछले एक महीने के दौरान घरलू बाजारों में काली मिर्च की कीमतों में करीब 400-600 रुपये `िंटल की गिरावट हो चुकी है। गुरुवार को कोच्चि में काली मिर्च अनगार्बल्ड 13,800 रुपये `िंटल और एमजी वन का भाव 14,400 रुपये `िंटल रहा। दिल्ली में काली मिर्च का औसत भाव 20,000 हजार रुपये `िंटल रहा। मौजूदा समय में भारतीय काली मिर्च का एफओबी भाव 3350 डॉलर प्रति टन है । (Business Bhakar)
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