नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2026-27 में 30 अप्रैल तक गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर खरीद बढ़कर 232.5 लाख टन की हो गई है जोकि रबी विपणन सीजन 2025-26 की समान अवधि के 253.63 लाख टन की तुलना में 9.28 फीसदी कम है।
प्रमुख उत्पादक राज्य पंजाब से चालू रबी सीजन में 30 अप्रैल तक 111 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 103.9 लाख टन से 7 फीसदी ज्यादा है।
हरियाणा से चालू रबी सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 76.6 लाख टन की हो चुकी है, जोकि तय लक्ष्य 72 लाख टन से ज्यादा है। पिछले साल की समान अवधि में राज्य से 65.7 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी। अत: चालू रबी में गेहूं की खरीद पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 17 फीसदी ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।
मध्य प्रदेश से चालू रबी सीजन में 30 अप्रैल तक केवल 27.5 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 67.68 लाख टन की तुलना में 59 फीसदी कम है। केंद्र सरकार ने राज्य में गेहूं की खरीद के तय लक्ष्य को 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया है। राज्य सरकार मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए तय किए न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के अलावा अतिरिक्त बोनस भी दे रही है।
भारतीय खाद्वय निगम, एफसीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश से चालू रबी में गेहूं की खरीद 7.12 लाख टन और राजस्थान से 9.76 लाख टन की हुई है जबकि पिछले रबी विपणन सीजन की समान अवधि में इन राज्यों से क्रमश: 7.54 लाख टन और 11.44 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। बिहार से चालू रबी में 19,485 टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 14,291 लाख टन से ज्यादा है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को चालू रबी सीजन में नुकसान हुआ है। अत: किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने हरियाणा और राजस्थान के बाद पंजाब में भी गेहूं की चमक में कमी, लस्टर लॉस की सीमा को बढ़ाकर 70 फीसदी और टूटे दानों की सीमा को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है।
सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 (अप्रैल-मार्च) के दौरान गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 345 लाख टन कर दिया है, जबकि पहले 303 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया गया था।
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