Total Pageviews

10 July 2018

गेहूं की कीमतों में तेजी आने की संभावना, आयात पड़ते नहीं लगेंगे

आर एस राणा
नई दिल्ली। फ्लोर मिलों की मांग बढ़ने से घरेलू मंडियों में गेहूं की कीमतों में पिछले दो दिनों में 50 रुपये की तेजी तेजी आई है। मंगलवार को दिल्ली में गेहूं के भाव बढ़कर 1,830 से 1,840 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। खाद्य मंत्रालय द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं के बिक्री भाव 1,890 रुपये प्रति क्विंटल तय करने का प्रस्ताव है इसलिए घरेलू मंडियों में गेहूं की कीमतों में और भी 75 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने का अनुमान है हालांकि भाव में तेजी आने के बाद भी आयात पड़ते लगने की संभावना नहीं है।
आयात होने की संभावना नहीं
बंगलुरु स्थिर गेहूं कारोबारी नवीन गुप्ता ने बताया कि यूक्रेन से आयातित लाल गेहूं के भाव भारतीय बंदरगाह पर 228 डॉलर प्रति टन बोले जा रहे हैं, जबकि गेहूं के आयात पर 30 फीसदी आयात शुल्क है। इसमें लोकल खर्च मिला दे तो, इसका भाव 2,375 से 2,400 रुपये प्रति क्विंटल हो जाता है जबकि इस समय उत्तर प्रदेश से बंगलुरु पहुंच 2,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से व्यापार हो रहा है। इसलिए घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों में और भी 75 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने के बाद भी आयात पड़ते नहीं लगेंगे।
भाव में आयेगी तेजी
केंद्र सरकार 1,890 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचेगी तो, बंगलुरु पहुंच इसका भाव 2,200 से 2,210 रुपये प्रति क्विंटल होगा जबकि इस समय भाव 2,100 रुपये प्रति क्विंटल हैं। इसलिए घरेलू मंडियों में गेहूं के भाव में और भी 75 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आने का अनुमान है।
ओएमएसएस में गेहूं की बिक्री बढ़ने का अनुमान 
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री 1,890 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव है, जबकि पिछले साल इसके तहत 1,780 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचा था। गेहूं व्यापारी संदीप बंसल ने बताया कि पिछले साल मंडियों में गेहूं का स्टॉक ज्यादा था, लेकिन चालू सीजन में केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ज्यादा खरीद की है, जिस कारण उत्पादक राज्यों की मंडियों में बकाया स्टॉक कम है, इसलिए ओएमएसएस के तहत 70 से 80 लाख टन गेहूं की बिक्री होने का अनुमान है। पिछले साल ओएमएसएस के तहत 14.21 लाख टन गेहूं की ​ही बिक्री हुई थी।
सरकारी खरीद ज्यादा हुई
चालू रबी विपणन सीजन 2018-19 में गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 355.22 लाख टन की हुई है जबकि पिछले रबी सीजन में इसकी खरीद केवल 308.25 लाख टन की ही हुई थी।
केंद्रीय पूल में बंपर स्टॉक
केंद्रीय पूल में पहली जून को 437.55 लाख टन गेहूं का बंपर स्टॉक मौजूद था, जबकि पिछले साल इस समय केवल 334.40 लाख टन का ही था।
आयात शुल्क में की थी बढ़ोतरी 
केंद्र सरकार ने 23 मई 2018 को गेहूं के आयात शुल्क को 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी किया था।...........  आर एस राणा

No comments: