Total Pageviews

06 April 2018

कई राज्यों के जलाशयों में पानी कम, गर्मी बढ़ने पर पेयजल संकट की आशंका


आर एस राणा
नई दिल्ली। गर्मी शुरू होने के साथ ही देश के कई राज्यों के जलाशयों में पानी का स्तर पिछले दस साल के औसत स्तर से भी नीचे आ गया है जोकि चिंताजनक है। केंद्र सरकार भी इसे लेकर सजग हो गई है तथा पानी की कमी वाले राज्यों को केंद्र सरकार ने पत्र लिखकर चेताया भी है कि पानी के उपयोग में सावधानी बरतें। झारखंड, ओडिशा, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के साथ ही पंजाब के जलाशयों में पानी कम है अत: जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, इन राज्यों में पीने के पानी के साथ ही फसलों की बुवाई हेतु सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने पानी की कमी वाले राज्यों को पत्र लिखा गया है कि पानी के उपयोग में सावधानी बरतें। गर्मी बढ़ने पर पानी की मांग में भी इजाफा होगा, जबकि पहले ही कई राज्यों के जलाशयों में औसत से भी कम पानी है। देशभर के 91 जलाशयों में पानी कुल भंडारण क्षमता का केवल 27 फीसदी ही रह गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 5 अप्रैल 2018 को पश्चिमी क्षेत्र के गुजरात तथा महाराष्ट्र के 27 जलाशयों में पानी का स्तर घटकर कुल भंडारण क्षमता का 30 फीसदी ही रह गया है जोकि पिछले दस साल का औसत अनुमान 34 फीसदी से भी कम है। पिछले साल की समान अवधि में पश्चिमी क्षेत्र के जलाशयों में कुल क्षमता का 35 फीसदी पानी था।
उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। हिमाचल, पंजाब तथा राजस्थान के 6 जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 21 फीसदी रह गया है जबोकि पिछले दस साल के औसत 26 फीसदी से भी कम है। पिछले साल की समान अवधि में उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों में कुल क्षमता का 23 फीसदी पानी था। 
मंत्रालय के अनुसार मध्य क्षेत्र के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के 12 जलाशयों में पानी का स्तर घटकर उनकी कुल भंडारण क्षमता के 30 फीसदी रह गया है जबकि  पिछले वर्ष की समान अवधि में इन जलाशयों में पानी का स्तर 44 फीसदी था। हालांकि इन जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल के 30 फीसदी के बराबर ही है।
दक्षिण भारत के जिलों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के 31 जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल से तो ज्यादा है लेकिन 10 साल के औसत स्तर से काफी कम है। 5 अप्रैल 2018 को इन जलाशयों में पानी का स्तर कुल भंडारण क्षमता का 18 फीसदी ही रह गया है जोकि दस साल के औसत 24 फीसदी से काफी कम है। वैसे, पिछले साल की समान अवधि में इन राज्यों के जलाशयों में पानी का स्तर केवल 13 फीसदी ही था।
मंत्रालय के अनुसार पश्चिमी बंगाल, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, आंधप्रद्रेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के जलाशयों में पानी की स्थिति बेहतर है।............ आर एस राणा

No comments: