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05 October 2017

आयातित गेहूं सस्ता, नवंबर में बढ़ सकता है आयात शुल्क

आर एस राणा
नई दिल्ली। यूक्रेन से आयातित गेहूं सस्ता होने के कारण घरेलू बाजार में त्यौहारी सीजन के बावजूद भी गेहूं की कीमतों में तेजी नहीं आ पर रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी बढ़ाकर 20-25 फीसदी कर सकती है, उसके बाद ही भाव में सुधार आने का अनुमान है। दिल्ली में गेहूं के भाव 1,760 से 1,770 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे है।
यूक्रेन से आयातित गेहूं के भाव बंदरगाह से ट्रक लोड 1,700 से 1,750 रुपये प्रति क्विंटल है, जोकि बंगलुरु मिल पहुंच 1,820 से 1,870 रुपये प्रति क्विंटल, मुंबई मिल पहुंच 1,750 से 1,800 रुपये और पूना मिल पहुंच 1,770 से 1,830 रुपये प्रति क्विंटल है। आस्ट्रेलियाई गेहूं का भाव बंगुलरु में फ्लोर मिल पहुंच 1,970 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बेचा जा रहा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) गेहूं का भाव 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है। अतः ओएमएसएस के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का भाव उंचा होने के कारण ही एफसीआई से गेहूं का उठाव नहीं हो रहा है।
आयातकों द्वारा यूक्रेन से करीब 7.5 से 8 लाख टन गेहूं के आयात सौदे किए जा चुके हैं, तथा इनमें से करीब 7 लाख टन गेहूं भारतीय बंदरगाह पर पहुंच भी चुका है, बाकि गेहूं का आयात अक्टूबर-नवंबर में होगा। आयातकों द्वारा नवंबर के बाद के आयात सौदे नहीं किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार त्यौहारी सीजन में गेहूं उत्पादों के भाव में तेजी नहीं लाना चाहती, इसलिए गेहूं पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी दीपावली के बाद ही कर सकती है। दीपावली के बाद गेहूं पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20-25 फीसदी करने की योजना है ताकि चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़ सके। .............  आर एस राणा

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