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05 June 2017

तिलहनों की गिरावट रोकने के लिए आयात शुल्क बढ़ाने की मांग

आर एस राणा
नई दिल्ली। घरेलू बाजार में तिलहनी फसलों सोयाबीन, सरसों और मूंगफली की कीमतों में चल रही गिरावट रोकने के लिए खाद्य तेलों के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की मांग की है। साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) ने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री तथा खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राधामोहन सिंह को पत्र लिखकर आयातित क्रुड पॉम तेल के साथ ही रिफाइंड तेलों के आयात शुल्क को बढ़ाने की मांग की है।
एसईए के द्वारा पत्र के अनुसार क्रुड तेलों के आयात शुल्क को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने की मांग की है। इसके अलावा रिफाइंड तेलों के आयात शुल्क को 15 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी करने की जरुरत है। एसईए के अनुसार फसल सीजन 2016-17 में तिलहनों की पैदावार में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में सोयाबीन, सरसों और मूंगफली के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गए हैं, अतः चालू खरीफ में सोयाबीन के साथ ही मूंगफली की बुवाई पर इसका पड़ेगा। इसलिए आयातित शुल्क में बढ़ोतरी की जाए।
एसईए के अनुसार उत्पादक मंडियों में सोयाबीन के भाव घटकर 2,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं, जबकि जून 2016 में इसके भाव 3,860 रुपये प्रति क्विंटल थे। सोयाबीन का भाव खरीफ विपणन सीजन 2016-17 के लिए 2,775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। इसी तरह से सरसों का एमएसपी चालू रबी में 3,700 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि मंडियों में सरसों का भाव 3,250 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। मूंगफली का भाव उत्पादक मंडियों में घटकर 3,500 रुपये प्रति क्विंटल आ गया है जबकि चालू सीजन के लिए एमएसपी 4,220 रुपये प्रति क्विंटल है।..................   आर एस राणा

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