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16 May 2017

आयात शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की तो गेहूं में तेजी नहीं

आर एस राणा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गेहूं के आयात शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की तो फिर गेहूं की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। इस समय गेहूं के आयात पर 10 फीसदी आयात शुल्क है, इसके बावजूद भी आयात सौदे हो रहे हैं। आस्ट्रेलिया से आयातित स्ट्रेंडर्ड गेहूं का भाव तुतीकोरन बंदरगाह पर सोमवार को 1,770 रुपये और लाल गेहूं का भाव 1,675 से 1,680 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
व्यापारियों के अनुसार हाल ही में आस्ट्रेलिया और यूक्रेन से करीब 3 से 3.50 लाख टन गेहूं के आयात सौदे जून-जुलाई शिपमेंट के हुए हैं। केंद्र सरकार ने गेहूं के आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी नहीं किया तो फिर आयातित गेहूं के और आयात सौदे हो जायेंगे, जिससे दक्षिण भारत की मांग उत्तर भारत के राज्यों से नहीं बनेगी। पिछले साल गेहूं के दाम काफी उंचे हो गए थे, जिससे चालू सीजन में मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान में गेहूं का स्टॉक बहुत ज्यादा हुआ है। भाव में तेजी नहीं आई तो फिर अगस्त-सितंबर में स्टॉकिस्टों की बिकवाली भी बढ़ जायेगी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू फसल सीजन 2016-17 में गेहूं की रिकार्ड पैदावार 974.4 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन केवल 922.9 लाख टन का ही हुआ था। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) चालू रबी विपणन सीजन में अभी 273 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद कर चुकी है, तथा कुल खरीद 300 लाख टन होने का अनुमान है हालांकि खरीद का लक्ष्य 330 लाख टन का तय किया है। माना जा रहा है कि जुलाई के बाद एफसीआई खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं की बिक्री चालू करेगी, हालांकि भाव में तेजी-मंदी एफसीआई द्वारा ओएमएसएस के तहत गेहूं बेचने के लिए तय किए जाने वाले भाव पर भी निर्भर करेगी।......आर एस राणा

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