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14 February 2017

खाद्य तेलों के आयात में लगातार तीसरे महीने में आई कमी

आर एस राणा
नई दिल्ली। खरीफ के साथ रबी में तिलहनों की पैदावार ज्यादा होने का असर खाद्य तेलों के आयात पर पड़ रहा है तथा लगातार तीसरे महीने में खाद्य तेलों के आयात में कमी आई है। जनवरी महीने में खाद्य तेलों का आयात 19 फीसदी घटकर 1,024,859 टन का हुआ है जबकि पिछले साल जनवरी महीने में 1,258,054 टन खाद्य तेलों का आयात हुआ था।
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू तेल वर्ष नवंबर 2016 से जनवरी 2017 के दौरान खाद्य तेलों के आयात में 15 फीसदी की कमी आकर कुल आयात 3,410,008 टन का ही हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 4,016,391 टन का हुआ था। एसईए के अनुसार खरीफ में तिलहनों की पैदावार में हुई बढ़ोतरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की उपलब्धता ज्यादा है, साथ ही नोटबंदी के कारण आम आदमी की खरीद में भी कमी आई है।
विश्व बाजार में भाव तेज होने के कारण जनवरी में आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। आरबीडी पामोलीन का भाव भारतीय बंदरगाह पर जनवरी में बढ़कर 788 डॉलर प्रति टन हो गया, जबकि दिसंबर में इसका भाव 773 डॉलर प्रति टन था। इसी तरह से क्रुड पाम तेल का भाव जनवरी में बढ़कर 794 डॉलर प्रति टन हो गया जबकि दिसंबर में इसका भाव 772 डॉलर प्रति टन था। क्रुड सोयाबीन तेल की कीमतों में जरुर दिसंबर के मुकाबले जनवरी में गिरावट आई है। दिसंबर में क्रुड सोयाबीन तेल का आयात भाव भारतीय बंदरगाह पर 887 डॉलर प्रति टन था जोकि जनवरी में घटकर 857 डॉलर प्रति टन रह गया।........आर एस राणा

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