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01 सितंबर 2015

दैनिक आवक कम होने से सरसों की कीमतों में तेजी की संभावना


आर एस राणा
नई दिल्ली। उत्पादक मंडियों में दैनिक आवक कम होने से सरसों की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। दिल्ली की लारेंस रोड मंडी में सरसों के भाव 4,500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। हालांकि सरसों डीओसी में निर्यात मांग काफी कमजोर है, साथ ही आयात ज्यादा होने से खाद्य तेलों की उपलब्धता भी ज्यादा है लेकिन बिहार, पश्चिमी बंगाल और असम की मांग अच्छी बनी हुई है।
खाद्य तेलों के कारोबारी ने बताया कि सरसों तेल में इस समय बिहार, पश्चिमी बंगाल और असम की अच्छी मांग बनी हुई है जबकि उत्पादक मंडियों में सरसों की दैनिक आवक कम है। रबी में सरसों की पैदावार में आई कमी से सरसों की उपलब्धता कम है जिसकी वजह से स्टॉकिस्ट नीचे भाव में बिकवाल नहीं है। उन्होंने बताया कि उत्पादक मंडियों में मंगलवार को सरसों की कीमतों में 25 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई।
आगरा के एक सरसों व्यापारी ने बताया कि मंगलवार को मंडी में सरसों की कीमतों में 25 रुपये की तेजी आकर भाव 5,050 रुपये, मध्य प्रदेश की मोरेना मंडी में 4,550 रुपये तथा राजस्थान की अलवर मंडी में 4,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सरसों डीओसी के भाव अलवर मंडी में 19,300 रुपये प्रति टन रहे। जयपुर में सरसों के भाव बढ़कर 4,715-4,720 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उन्होंने बताया कि त्यौहारी सीजन के साथ ही सर्दियों का सीजन शुरु हो रहा है जिससे आगामी दिनों में सरसों तेल में मांग और भी बढ़ेगी। ऐसे में सरसों की मौजूदा कीमतों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की और तेजी आने की संभावना है।
साल्वेंट एक्सट्रेशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार जुलाई महीने में सरसों डीओसी का निर्यात घटकर 8,645 टन का ही हुआ है जबकि जून महीने में इसका निर्यात 56,139 टन का हुआ था। कृषि मंत्रालय के चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2014-15 में सरसों का उत्पादन घटकर 63.09 लाख टन का ही हुआ है जबकि इसके पिछले साल इसकी पैदावार 78.77 लाख टन की हुई थी।........आर एस राणा

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