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03 जून 2015

दलहन की पैदावार 20 लाख टन कम होने का अनुमान - राधा मोहन सिंह


वित वर्ष 2014-15 में दालों का रिकार्ड आयात 45 लाख टन का हुआ
आर एस राणा
नई दिल्ली। बुवाई में आई कमी के साथ ही बेमौसम बारिष और ओलावृष्टि से चालू फसल सीजन 2014-15 में दालों की पैदावार में 20 लाख टन की कमी आने का अनुमान है।  इससे वित वर्ष 2014-15 में दालों का आयात बढ़कर रिकार्ड 45 लाख टन का हो चुका है।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दलहन पैदावार में 20 लाख टन की कमी आने का अनुमान है। फसल सीजन 2013-14 में देष में रिकार्ड 192.5 लाख टन दालों का उत्पादन हुआ था जबकि तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2014-15 में दालों का उत्पादन घटकर 173.8 लाख टन होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि वित वर्ष 2014-15 में देष में 45 लाख टन रिकार्ड दालों का आयात हो चुका है।
दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर योजना बना रही है तथा आगामी फसल सीजन में इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने बताया कि खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) अगले पंद्रह दिनों में घेषित कर दिए जायेंगे, ताकि किसान उसके अनुरुप बुवाई की रणनीति बना सके।
भारतीय मानसून विभाग (आईएमडी) चालू खरीफ में मानसूनी बारिष सामान्य से कम होने की आषंका जता चुका है, साथ ही मानसून पर अल-नीनो का प्रभाव भी पड़ने की आषंका है। दलहन की खेती बारिष पर ज्यादा निर्भर है ऐसे में खरीफ सीजन में भी दालों की पैदावार में बढ़ोतरी की संभावना कम ही नजर आ रही है। इससे दलहन के आयात पर निर्भरता और बढ़ेगी तथा घरेलू बाजार में दालों की कीमतों में तेजी आने की आषंका है। पिछले दो महीनों में ही घरेलू बाजार में प्रमुख दालों की कीमतों में 800 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी पहले ही आ चुकी है।......आर एस राणा

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